बागेश्वर जिले के कत्यूर घाटी गरुड़ मध्य स्थित गरुड़ बाजार में चार दशक पूर्व में स्थापित गरुड़ मंदिर जिसका अस्तित्व अब नही रहा के पुर्ननिर्माण हेतु पहली बार सोशल मीडिया में चर्चा होने लगी है।
इस हेतु फेसबुक,व्हाट्सएप ग्रुप व फेसबुक पेज पर स्थानीय युवाओं का एकजुट होकर चर्चा करना एक नई पहल की शुरुआत मानी जा रही है।
आजकल कोरोना महामारी के कारण लॉक डाउन के चलते लोग घरों में सुरक्षित अंदर ही समय ब्यतीत कर रहे है । इस दौरान रामानंद सागर द्वारा निर्मित लोकप्रिय धारावाहिक रामायण का प्रसारण भी चल रहा है। रामायण में लक्ष्मण व मेघनाथ/इंद्रजीत के भीषण युद्व के बीच राम लक्ष्मण को नाग फास से मुक्त करने हेतु गरुड़ भगवान की भूमिका ने स्थानीय लोगो को गरुड़ भगवान के प्रति आकर्षण किया और कुछ लोगो के बीच इच्छा प्रकट की गई है कि क्यो नही गरुड़ में चार दशक पहले देखे गए गरुड़ मंदिर की पुर्नस्थापना हेतु अभियान चलाया जाय।
गरुड़ भगवान के मंदिर निर्माण को गरुड़ क्षेत्र की मूल पहचान से जोड़ा जा रहा है जिस हेतु गरुड़ मंदिर निर्माण अभियान की लोगो द्वारा चर्चा करना एक नए ऊर्जा का संचार करना माना जा रहा है।

सराहनीय कदम
निश्चित तौर पर सफलता जरुर मिलेगी !