25 जनवरी 2020 में लोक सभा व विधानसभा सीटों पर आरक्षण व्यवस्था की मियाद पूर्ण होने के चलते आरक्षण की मियाद बढ़ाने का बिल को लोक सभा से मंजूरी मिल जाने के बाद बागेश्वर विधानसभा क्षेत्र 47 से आरक्षण का रोस्टर में बदलाव किये जनेबकी मांग उठने लगी है ।
दर्शानी गरुड़ निवासी अधिवक्ता डी के जोशी ने सवाल उठाया है कि क्या जिस विधानसभा क्षेत्र में आरक्षित वर्ग के उमीदवारों को ढूढ़ना मुस्किल हो रहा और बीजेपी कांग्रेस जैसी राट्रीय पार्टियों को पिछले 3 दसकों से दूसरा उमीदवार तक नही मिल पा रहा वहाँ पिछले पांच दसकों से क्षेत्र को आरक्षण श्रेणी में अभी भी रखे रहना कितना तर्क संगत है?
उन्हौने कहा कि वो आरक्षण के खिलाप नही है लेकिन ये तथ्य भी जगजाहिर है कि अभी तक के आरक्षित वर्ग से क्षेत्र को चयनित विधानसभा सदस्यों से जो विकास कार्य की अपेक्षा थी वह बहुत ही असंतोषजनक रही है। और न ही आरक्षित वर्ग के लोगो का ही अपेक्षित विकास धरलत पर दिख रहा।
अभी तक के विधानसभा क्षेत्र बागेश्वर से चुने गए सदस्य(MLA)1967- गोपाल राम दास(कोंग्रेस)1969-सरस्वती देवी(कांग्रेस)1974-सरस्वती देवी(कांग्रेस)1977-पूरन चंद्र(जनता पार्टी)1980-गोपाल राम दास(कांग्रेस)1985-गोपाल राम दास(कांग्रेस)1989-गोपाल राम दास(कांग्रेस)1991-पूरन चंद्र (बीजेपी)1993-राम प्रसाद(कांग्रेस)1996-नारायण राम दास(बीजेपी)2002-राम प्रसाद(कांग्रेस)2007- चन्दनराम दास(बीजेपी)2012- चन्दनराम दास(बीजेपी)2017- चन्दनराम दास(बीजेपी)
जोशी ने मांग की है कि बागेश्वर विधानसभा क्षेत्र -47 से आरक्षण के रोस्टर में बदलाव किया जाय ताकि क्षेत्र के विकास को नई गति मिल सके