अहा सुणों दिदा ज्यूनि का ठौर…..
यौ ज्यूनि का दिदा छियां द्वियै ठौर।
भरि ज्वानी वौर अर् बुढ़िनकाव पौर।।
हला दुख्यौं क् पुतुंर ढ़ौणं छ यौ मनखि
बाज पड़ि कुड़ी अर ढक्यां छन मुहौर।
पुरखों कि जुड़ाई जौजाद करि आबाद्
च्याल ब्वारि का बारम् गुसैं छन दुहौर।।
झौ जमै कि चम चमा पट्यूं छौ खौव
कौस बख्ता ऐगौ पड़ोसि का छन पहौर।
हला दुख्यौं क् पुतुंर ढ़ौणं छ यौ मनखि
बाज पड़ि कुड़ी अर ढक्यां छन मुहौर।।
भरि ज्वानी वौर अर् बुढ़िनकाव पौर।।
संतोष जोशी
गरुड़,बागेश्वर
गाढ़ भिड़ौ का बीच फोटो…..
