मोहन चंद्र जोशी, मोहन आश्रम, दर्शानी
हिमालय की गोद में अवस्थित उत्तराखण्ड की कत्यूर घाटी में बसा ग्राम खडेरिया । कुमाऊँ का इतिहास : पं० बद्रीदत्त पाण्डे व एडकिंसन के अनुसार चम्पावत में तल्ला मण्डल और मल्ला मण्डल, पाण्डे लोगों को उनकी योग्यता एवं विद्वता के कारण जागीर में दिया गया ।आज भी चम्पावत में पाण्डे परिवार वृत्ति का कार्य करते हैं। मण्डलों के जागीरदार ह्रोने के कारण इन्हें मण्डलीय पाण्डे कहा गया , जिसका अपभ्रंश मंदोलिया /मैदोलिया पाण्डे हो गया।कालान्तर में इनमें से एक परिवार के लोग कत्यूर घाटी में इस स्थान पर आ गए । संसाधनों ने अभाव में इस ऊँचे स्थान पर गड्ढा/ खाई ( खङ्यार ) बना कर रहने लगे। कालान्तर में इस विकसित गाँव का नाम खडेरिया हो गया।
खडेरिया ग्रामसभा का गाँव दर्शानी भी है, यथा नाम तथा गुणः । यह गाँव विकास खण्ड के अधिकांश गाँवों से दिखाई देता है और इस गाँव से कत्यूर घाटी के अधिकाँश गाँवों के दर्शन भी होते हैं। हिमालय की धवल श्रृखलाएँ इसके सम्पूर्ण भाग से दिखाई देती है।
इस ग्राम में पॉलीटैक्निक,इण्टरमीडीएट,प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाडी, एवं दो प्राइवेट जूनियर हाइस्कूल हैं। तीन बैंक भी अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।
गाँव में भेटा नहर का उद्घघाटन भारत रत्न पं० गोविन्द बल्लभ पन्त जी द्वारा छमसी तोक के पास स्वयं फावड़ा चलाकर किया गया। यहाँ की उपजाऊँ भूमि में धान गेहूँ के साय ही अन्य फसलें भी होती हैं। नाशपाती के साथ सभी फलों का उत्पादन भी अच्छा होता है। परन्तु बन्दरों की समस्या के चलते उत्पादन प्रभावित हुआ है। गाँव में सड़क , बिजली एवं पानी की वयवस्था है। इसकी सीमा पर बुरसौल नदी है। खडेरिया पेयजल योजना बेड़चू के जंगल से की गई है, एक नई योजना भी निर्माणाधीन है।
ग्रामसभा खडेरिया में पहले पाए गाँव भी सम्मिलित था । अब यह पृथक ग्रामसभा है। स्व ० हरी दत्त जोशी, स्व’० नन्दाबल्लभ जोशी, स्व० श्री बचीराम पाण्डे श्री गोपाल सिह नेनी (कार्यवाहक) ,
,श्री राम दत्त पाण्डे ,स्व ० बाला दत्त पाण्डे (कार्यवाहक) , स्व ॰ मथुरादत्त भटट(कार्यवाहक),
स्व० मथुरादत्त भट्ट, श्रीमती भवानी देवी, श्री राजेन्द्र प्रसाद जोशी एवं निवर्तमान श्रीमती दीपा देवी यहाँ के ग्राम प्रधान व श्रीमती गीता जोशी , श्री जनार्दन लोहनी , श्रीमती भगवती जोशी, श्रीमती अर्चना लोकंन क्षेत्र पंचायत सदस्य रहे हैं।