शिक्षकों के रिक्त पदों पर जल्दी विज्ञप्ति निकाले सरकार

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  • प्रशिक्षित बेरोजगारों ने प्रदेश सरकार पर लगाया उपेक्षा का आरोप
  • कहा सरकार ने रोजगार देने की बात को धरातल पर नहीं उतारा
  • उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
    आक्रोश
    गरुड़।उत्तराखण्ड प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन ने प्रदेश सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया।प्रशिक्षितों ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मंचों पर तो बेरोजगारों को रोजगार देने के लाख दावे करे, लेकिन उन्हें धरातल पर नहीं उतारा।प्रशिक्षितों ने शीघ्र शिक्षकों के रिक्त पदों पर विज्ञप्ति जारी न करने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी।
    प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन के ब्लाक अध्यक्ष मनोज खोलिया की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रशिक्षितों ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार तीन साल से बेरोजगारों को रोजगार देने की बात कह रही है।बकायदा रोजगार वर्ष भी मना रही है, लेकिन धरातल पर रोजगार शून्य है।कहा कि स्कूलों में शिक्षकों के हजारों पद रिक्त पड़े हैं।लेकिन सरकार विज्ञप्ति जारी नहीं कर रही है।उन्होंने प्रदेश की त्रिवेंद्र रावत सरकार पर बेरोजगारों की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि स्कूलों में शिक्षक न होने से नौनिहालों का भविष्य चौपट हो रहा है।वहीं टीईटी उत्तीर्ण प्रशिक्षित बेरोजगारों की उम्र सीमा पार हो रही है।लेकिन प्रदेश डबल इंजन की सरकार मौन है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राथमिक, माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों व प्रवक्ताओं के हजारों पद रिक्त पड़े हैं।लेकिन सरकार नियुक्ति नहीं कर रही है।प्रशिक्षितों ने कहा कि सरकार यदि बेरोजगार युवाओं का जरा भी हित चाहती है तो शीघ्र प्राथमिक, एलटी व प्रवक्ताओं के लिए विज्ञप्ति जारी करे।चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने विज्ञप्ति जारी नहीं की तो शीघ्र प्रदेश व्यापी उग्र आंदोलन किया जाएगा।संचालन शेखर चंद्र ने किया। इस दौरान दीप तिवारी, मनोज पांडे, नरेश भट्ट, सुरेश जोशी, कैलाश भट्ट, राजेंद्र खोलिया, प्रमोद भट्ट, अरविंद नेगी, गौरव जोशी, भावना रावत, नेहा तिवारी, नीमा जोशी, भावना खोलिया, सुनीता भट्ट, कविता जोशी समेत दर्जनों प्रशिक्षित बेरोजगार मौजूद थे।
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