सौली गांव में दिनदहाड़े आ धमके 35 सुअर

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  • काश्तकारों की फसल उजाड़ी
  • ग्रामीण परेशान
    गरुड़।तहसील के सौली गांव में दिनदहाड़े सुअरों का झुंड आ धमका।जिससे गांव में दहशत फैल गई।सुअरों ने काश्तकारों की फसल उजाड़ दी है।ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल सुअरों को मारने के आदेश दिए जाने की मांग की है।
    सौली गांव में दिनदहाड़े 35 सुअरों का झुंड आ धमका।जिससे गांवों में दहशत फैल गई।लोगों ने बमुश्किल भागकर जान बचाई।ग्रामीण प्रेम सिंह नेगी ने बताया कि सौली गांव में आए दिन सुअरों का झुंड खेतों में टूट पड़ रहा है।सुअरों ने काश्तकारों की साग-सब्जी व फसल चौपट कर दी है।जिससे काश्तकार परेशान हैं।ग्रामीण प्रेम सिंह नेगी समेत अन्य ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल सुअरों को मारने के लिए लाइसेंसी बंदूकधारियों को गांव में तैनात करने की मांग की है।
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    बंदरों ने भट किए चट
    गरुड़। कत्यूर घाटी में इन दिनों भट, गहत, उड़द आदि की फसल तैयार हो गई है।महिलाएं घर के आंगन में इन दालों की मढ़ाई करने में लगी हैं।लेकिन उन पर बंदरों के झुंड टूट पड़ रहा है। बंदरों ने भट्ट चट कर दिए हैं।
    कत्यूर घाटी में इन दिनों जंगली जानवरों का आतंक बढ़ते ही जा रहा है।बंदरों का झुंड घरों में आकर दाल की फसलों को चौपट करते जा रहे हैं।जिससे महिलाओं के लिए भी काम का बोझ बढ़ गया है।बंदर दालों को चट न कर जाय, इसके लिए महिलाएं दिन-रात घर के आंगन में काम कर दाल कब फसलों की मढ़ाई कर रही हैं। भगाने पर बंदर महिलाओं पर झपट रहे हैं।महिला काश्तकार पार्वती देवी,पुष्पा देवी, देवकी देवी, कमला देवी ने बताया कि बंदरों ने दाल की फसलों को भी भारी नुकसान किया है। उन्होंने बताया कि दो-तीन साल पहले तक चार-पांच बोरी भट होते थे।अब मात्र दो-तीन थैले ही भट हो रहे हैं।महिला काश्तकारों ने वन विभाग से गांव में पिंजड़ा लगाकर बंदरों को पकड़ने की मांग की है।
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