गरुड़ सम्मेलन हुआ सम्पन्न

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29 दिसम्बर 2019 को बागेश्वर जिले के गरुड़ विकास खंड के अंतर्गत मुख्य बाजार केडी पांडेय रामलीला मैदान में राज्य स्तरीय महासम्मेल 2019 गरुड़ सम्मेलन संम्पन्न हो गया है। आयोजन समिति के आयोजक मंडल डी के जोशी,रमेश पांडेय कृषक,पंकज पांडेय,प्रमोद मेहता,सुनील कांडपाल,उमा शंकर भाकुनी और चंद्र शेखर बड़सीला द्वारा आयोजित इस बृहद एक दिवसीय कार्यक्रम में प्रातः 9 बजे से केडी पांडेय रामलीला मैदान में आम सभा प्रारम्भ हुई जिसका संचालन चंद्र शेखर बड़सीला ने किया । आम सभा मे करीब 500 लोगो की उपस्थिति में वक्ताओं ने क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं पर अपने विचार रखे । हरिदत्त जोशी ने पहाड़ में हो रहे बंदरो व जंगली जानवरों के आतंक को सबसे बड़ी समस्या बताया जिसके लिए सरकार को समुचित उपाय करने के लिए भी मांग की,विवेकानंद इंटर कॉलेज गरुड़ की छात्रा कोमल खोलिया ने व्यसनमुक्त समाज के निर्माण की आवश्यकता पर जागरूकता से भरपूर भाषण दिया। लक्ष्मी आश्रम कौसानी से बसंती बहन व नीमा वैष्णव ने भी अपने विचार रखे। सेवाप्राप्त शिक्षक मोहन चंद्र कंसेरी ने गरुड़ सम्मेलन के आयोजन के लिए अधिवक्ता डीके जोशी व उनकी टीम की सराहना की। आम सभा करीब 12 बजे तक जारी रही।
12 बजे रैली प्रारंभ हुई जो केडी पांडेय रामलीला मैदान से प्रारम्भ हज़ार की संख्या से अधिक लोग की रैली सीधे गरुड़ बाजार होते हुए राजकीय इंटर कॉलेज गरुड़ के गेट तक गयी वहाँ से वापस गांधी चबूतरा होते हुए गोलू मार्किट गयी रैली में नारे,पोस्टर,बैनर,जनगीत से पूरा बाजार गूंज उठा,जैसे जैसे रैली आगे बढ़ते गयी महिला पुरुष जवान जुड़ते चले गए । रैली टिटबाज़ार रावत फार्मेसी से लौटते हुए पुरानी गरुड़ बाजार लाल पुल से गुजरी। रैली में जहाँ एक ओर दूर दूर से आयी महिलाएं युवा बुजुर्गों की भारी संख्या मौजूद थी वही सैकड़ो की संख्या में सड़क के किनारों व अपने घरों से भी लोग रैली को देखने के लिए उत्सुक नज़र आये।
करीब 1.30 बजे दोपहर रैली केडी पांडेय रामलीला मैदान में पुनः एक आम सभा के साथ समाप्त हुई। कार्यक्रम के दौरान दूर दूर से आये प्रतिभागियों के लिए दिन के पहाड़ी व्यंजनों की व्यवस्था आयोजन मंडल के द्वारा की गई थी। तय समय के मुताबीक 2 बजे विचार मंथन गोष्ठी प्रारम्भ होने से पूर्व साहित्यकार मोहन जोशी द्वारा कोट भ्रामरी बन्दना प्रस्तुत की गयी तथा उनके द्वारा हुक ध रे कविता भी गाई गयी जिस पर उपस्थित जनसैलाब ने खूब तालियां बजायी। इसके बाद अधिवक्ता डीके जोशी ने सम्मेलन की भूमिका व उपस्थित लोगों का अभिनंदन संबोधन प्रस्तुत किया। इस सत्र का संचालन संयुक्त रूप से सुनील कांडपाल व चंद्र शेखर बड़सीला ने किया। उत्तराखंड हाई कोर्ट नैनीताल के वरिष्ठ अधिवक्ता बी पी नौटियाल ने शराब बन्दी पर कानूनी पहलुओं के साथ हाई कोर्ट नैनीताल के इस संबंध में 29 अगस्त 2019 को दिए दिए डीके जोशी बनाम सरकार व अन्य में दिए गए फैलसे पर भी प्रकाश डाला। श्री नौटियाल में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते उत्तराखंड देव भूमि में शराब बंदी लागू नही की गई तो पहाड़ी राज्य की परिकल्पना ही धूमिल हो जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को पूर्ण शराब बंदी पर गंभीरता पूरक निर्णय लेना चाहिए। वक्ताओं में हाई कोर्ट नैनीताल के अधिवक्ता अभिजय नेगी ने संविधान के 73वे व 74वे संसोधन पर कानूनी पहलुओं के साथ साथ पंचायत सशक्तिकरण की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
जिला प्राधिकरण हटाओ मोर्चा के अध्यक्ष प्रमोद मेहता में गांव गांव तक जिला प्राधिकरण के थोपे से हो रही कठिनाइयों पर विस्तार से जानकारी देते हुए प्राधिकरण को हटाए जाने की मांग की। वही सुप्रीम कोर्ट दिल्ली से आये अधिवक्ता रविन्द्र गाड़िया ने उपस्थित जनमानस को पंचायतों के सम्बंध में विस्तार से 73वे व 74वे संविधान संसोधन पर चर्चा की।
हाई कोर्ट नैनीताल के अधिवक्ता ड़ॉ कैलाश तिवारी ने उत्तराखंड में शराब आन्दोलनों के इतिहास पर जनता के सम्मुख उपयोगी जानकारी साझा की
उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पी सी तिवारी ने उत्तराखंड आंदोलन से निकले नए राज्य की मूल परिकल्पना को साकार नही कर पाने की अभी तक कि सरकारो की उदासीनता पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि बड़े राष्ट्रीय दल उत्तराखंड के जनमानस के लिए अपेक्षित कार्य करने में विफल रहे हैं।
हाई कोर्ट नैनीताल के वरिष्ठ अधिवक्ता बी सी पांडेय भूमि काननों पर वितार से जानकारी दी। नैनीताल समाचार से विनोद पांडेय ने बन कानूनों की बारीकियों व आज के परिपेक्ष्य में जरूरी सुधारो की आवश्यकता पर बन कानूनी संसोधन की वकालत की।
रमेश पांडेय कृषक ने गोष्ठी में अपनी बात रखते हुए कहा कि राज्य सरकारों को भूमि बंदोबस्ती पर गंभीरता पूर्वक कार्य करना चाहिए ताकि लोग पलायन करने से खुद को रोक रखें,उन्होने राज्य सरकारों के द्वारा भूमि कानून में पहाड़ी जिलों की भूमि उद्द्योग पतियों को लाभ पहुचाने वाले मनमाने तरीके से बदलाव किए जाने संबंधी कार्यो को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
गोष्टी के दौरान उपस्थित लोगों में सुप्रसिद्ध साहित्यकार व पूर्व दर्जा मंत्री गोपाल दत्त भट्ट,जिला पंचायत सदस्य जनार्दन लोहुमी,बागेश्वर,जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष गोविंद सिंह भंडारी,गरूड़ तहसील अधिवक्ता संघ अध्यक्ष हरीश जोशी,अधिवक्ता नारायण सिंह थायत,पूर्व जिला बागेश्वर बीस सूत्री कार्यक्रम उपाध्यक्ष भुवन पाठक,अधिवक्ता हरीश भट्ट,तारा दत्त भट्ट,ग्राम प्रधान भेंटा कृपाल लोहुमी,ग्राम प्रधान मंटेना रवि, क्षेत्र पंचायत सदस्य भोला तिवाड़ी सहित सैकड़ों गणमान्यजन उपस्थित थे जिसमें महिलाओं की संख्या पुरूषों की तुलना में अधिक रही
उत्तराखंड महिला मंच के प्रदेश अध्यक्ष कमला पंत ने शराब बंदी तुरंत लागू किये जाने की मांग की तथा महिलाओं के अधिकारों के पक्ष में अपनी बात रखी।
विचार गोष्टी रात तक करीब 9 बजे तक चली जिसमे नागरिक मंच बागेश्वर के पंकज पांडेय, हाई कोर्ट नैनीताल की अधिवक्ता स्निग्धा तिवारी,हल्द्वानी से आये हुए समाजसेवी इस्माइल हुसैन,साहित्यकार मोहन जोशी, सुनील कांडपाल, उत्तराखंड छात्र संगठन के भावना,भारती, अधिवक्ता विमला,अधिवक्ता गोपाल,आदि में अपने विचार व्यक्त किये। स्वस्थ,आर्थिकी,भूमि व बन कानून,प्राधिकरण,बंदर व जंगली जानवरों के आतंक,पंचायत सशक्तिकरण आदि ज्वलन समस्याओं से संबंधित जनउपयोगी कार्यक्रम गरुड़ सम्मेलन के खास विषय थे।
जहाँ एक ओर सड़कों पर जनता का आक्रोश रैली के माध्यम से गूंजा वही क्षेत्र व प्रदेश की ज्वलंत मुद्दों पर गहनता से विचार मंथन भी किया गया। गरुड़ सम्मेलन के आयोजक मंडल के वरिष्ठ सदस्य डीके जोशी ने इस सम्मेलन को ऐतिहासिक बताया और कहा कि पहाड़ में पैठकर वहाँ लोगो को शामिल करके बनी नीतियाँ ही प्रदेश में बनाई जानी चाहिए तभी उत्तराखंड की प्रगति सम्भव होगी।
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