आसमान से गिरे खजूर में अटके••
मैं हैरान हूं यह जानकर कि बागेश्वर जिला अस्पताल में सफाई नाम की कोई व्यवस्था नही है
कोरोना काल मे संक्रमण का खतरा चरम पर है वही उपचार के लिए भर्ती मरीजों हेतु कॉमन शौचालय में न कोई सफाई व्यस्था हो रही और न कोरोना संक्रमण के रोकथाम हेतु जरूरी उपाय।
अपने पैर का इलाज करा रहे देव राम जो एक सप्ताह से जिला अस्पताल बागेश्वर में भर्ती है उसके अनुसार जहा उसके पैर की हड्डी का उपचार योग्य चिकित्सकों व हॉस्पिटल स्टाफ के द्वारा ठीक ठाक चल रहा है लेकिन वही उसे एक बड़ी चिंता सताये जा रही है कि कही कोरोना का संक्रमण उसे अपनी पकड़ में न ले ले।
हॉस्पिटल में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है।
भर्ती मरीजों के लिए न तो अलग से कोई शौचालय हैं और न ही कॉमन शौचालय में कोई साफ सफाई है।
प्रत्यक्ष दर्शियों का कहना है कि इस हेतु स्वास्थ्य महकमे का ध्यान दिलाया जाना बहुत जरूरी है, हालत बहुत खराब है, कोई देखने वाला है नहीं, सब लोग जो भी एडमिट हो रहे हैं वहां की अव्यवस्था से परेशान हैं, हालांकि डॉक्टर और पूरा महकमा ईमानदारी से अपने काम में जुटा पड़ा हुआ है लेकिन ये सफाई आदि की व्यवस्था उनके हाथ में नहीं है, यह सरकार की व्यवस्था है और सरकार में सामिल जनप्रतिनिधियों , विभागों के सफ़सर नेता आदि जो है वो चुप बैठे हैं.
यहां जो एडमिट है उनके फोन आ रहे हैं कि सफाई व्यवस्था जीरो है, टॉयलेट लीकेज कर रहे हैं, गंदगी का अंबार है, सफाई करने कोई आता नहीं है…
संक्रमण का भय हर किसी के मन में बैठा हुआ है,
कौन आगे आएगा? बागेश्वर विधानसभा सीट से तीसरी बार लगातार चुने हुए माननीय विधायक श्रीमान चंदन राम दास जी के निवास से सटे इस जिला अस्पताल बागेश्वर की स्थिति में तुरंत सुधार आये ऐसी अपेक्षा गरुड़ सिविल सोसाइटी करती है।
समाधान क्या है?
जिला प्रशासन ही कुछ कर सकता है, सफाई कर्मचारियों को पूर्ण किट दिया जाए जिससे कि वह बिना हिचकिचाहट हुए सफाई करें और इसके साथ ही जो टॉयलेट लीकेज हो रहे हैं उन्हें ठीक करा जाए, पानी की व्यवस्था दुरुस्त की जाए और कुछ सफाई के उपकरण भी वही रख दिया जाए ताकि वहां एडमिट लोग खुद की सफाई कर सके.
(डीके जोशी)