दिल्ली में अपनी बोली अपनी भाषा के प्रोत्साहन में लगे ग्राम परेना के संतोष जोशी हुए सम्मानित

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गरुड़ ब्लाक के ग्राम परेणा से संतोष जोशी को खुदेड़ डांडी कांठी सांस्कृतिक एंव साहित्य मंच द्वारका नई दिल्ली व उत्तराखण्ड जन संपर्क मंडल श्याम विहार नजफगढ़ संस्था द्वारा उनके द्वारा अपनी भाषा कुमांऊनी को प्रोत्साहित करने के लिए सम्मानित व सम्मान पत्र प्रदान किया गया। पिछले लगभग 3 साल से कुमाऊनी  व  हिंदी भाषा  साहित्य को लेकर काम  कर रहे संतोष जोशी कहते है किसवर्प्रथम मेरा प्रयास यही रहता है कि उत्तराखण्ड की कुमाऊनी गढ़वाली भाषा में जो भी संस्थाएं कुमाऊनी भाषा में निकलने वाली पत्रिकायें या फिर पहाड़ से जुड़े समाजिक सरोकारों से जुड़ना मेरे लिए हमेशा प्रेरणादायी रहता है। गरुड़ पत्रिका को श्री जोशी ने बताया कि उनकी काफी कुमाऊनी और हिन्दी कविताएँ कुमगढ़ पत्रिका,हरदोल वाणी समाचार पत्र पर भी छप चुकी है। अब जल्द ही एक कुमाऊनी काव्यसंग्रह और एक हिंदी काव्यसंग्रह भी निकलने वाली है जो निर्माणाधीन स्थिति में है। भाषा के प्रचार प्रसार व कुमाऊनी लेखन से प्रेरित होकर वे नियमित रूप से दिल्ली एनसीआर समेत अन्य कई क्षेत्रों में कवि सम्मेलनों में प्रतिभाग कर रहे हैं। इसी वर्ष डीपीएम आई नौऐडा द्वारादिल्ली एनसीआर में छोटे कक्षाओं के बच्चों को कुमाऊनी भाषा बोलनी लिखनी सिखाने हेतु सितम्बर माह में शिक्षक सम्मान भी उन्है मिल चुका है।इसके साथ ही कई सम्मान अच्छे मंचों से प्राप्त कर चुके है। खुदेड़ डांडी कांठी सांस्कृतिक एंव साहित्य मंच द्वारका नई दिल्ली व इस वर्ष उत्तराखण्ड जन संपर्क मंडल श्याम विहार नजफगढ़ संस्था द्वारा भी मुझे मंच से सम्मानित व सम्मान पत्र प्रदान किया गया। उनका कहना है कि यूट्यूब चैनल “संतोष जोशी उत्तराखण्डी” के नाम से भी वे कुमाउनी के संवर्द्धन में लगे हुए हैं मेरीवेबसाइट www.santoshjoshi.co.in हैफेसबुक, व्हाट्सअप,ट्विटर के माध्यम से भी लोग उनसे जुड़े हैगरुड़ पत्रिका के माध्यम से अपना यह संदेश देना चाहते है कि हम कहीं भी रहें किसी भी देश में रहें किन्तु अपनी बोली भाषा अपनी दुधबोलि व अपनी संस्कृति को कभी न भूलें।(वाया ईमेल- संतोष जोशीपता-ग्राम परेणा पो.आ.कंधारजिला-बागेश्वर (उत्तराखण्ड)9540689825)
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