कविता

0
190

उम्मीदों के आकाश में
आशा की किरण
निराशा की बदली
मगर दोनों चाहिए
उम्मीदों को
बरकरार रखने के लिए

डाॅ हेमचंद्र दुबे

Download Garur Patrika App

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें