साहित्य एवं कला‘दहशत’ द्वारा garurpatrika - December 3, 2019 0 188FacebookXPinterestWhatsApp अब पहाड़ो पर नहीं सुनाई देती करुण पुकार क्योंकि यहां पग-पग पर घूमते दरिंदे भेड़िये । दहशत फिर से याद दिलाती है वह घटना । वह जो पिरोती माला अपने घर बसाने की उसे जबरदस्ती जलाया गया हवस की आग में । ✍मनोज कुमार खोलिया, गरुड़, बागेश्वर। Download Garur Patrika App