भगाने पर काटने को आ रहे हैं बंदरदिक्कतगरुड़। तहसील क्षेत्र के अधिकांश गांवों में बंदरों ने ग्रामीणों के लिए मुश्किलें पैदा कर दी हैं।बंदरों का उत्पात आए दिन बढ़ता ही जा रहा है। बंदरों के झुंड ने कई गांवों में उत्पात मचा बिजली के तार तोड़ डाले।जिससे ग्रामीणों के घरों की बिजली गुल हो गई।
बंदरों के आतंक से एक ओर जहां खेती चौपट हो रही है, वहीं छोटे बच्चों की सुरक्षा का भी संकट पैदा हो गया है।बंदरों का आतंक इस कदर बढ़ रहा है कि काश्तकारों का खेती से मोहभंग होता जा रहा है।खेतों को नुकसान करने के साथ-साथ बंदर महिलाओं एवं बच्चों पर भी हमले कर रहे हैं।तहसील के सिल्ली, मटेना, पाये, दर्शानी, लोहारी, अमोली, जिजोली, नौघर, तैलीहाट, भेटा, जिनखोला, गागरीगोल सहित दर्जनों गांवों में बंदरों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है।इस बीच बंदरों की तादात और भी बढ़ गई है।बंदरों के झुंड ने बुधवार को मटेना गांव में उत्पात मचाकर बिजली के तार तोड़ दिए। जिससे कई घरों की बिजली गुल हो गई और ग्रामीणों को भारी नुकसान हो गया।इसके अलावा बंदरों ने साग-सब्जी और खेती सब चौपट कर दी है। बंदरों का झुंड घरों के अंदर घुसकर सामान ले जा रहा है।भगाने पर बंदर काटने को आ रहे हैं। मटेना के ग्राम प्रधान रविशंकर बिष्ट, क्षेपंस भोला दत्त तिवारी, पूर्व ग्राम प्रधान शकुंतला कांडपाल, चंद्रशेखर जोशी, पूर्व क्षेपंस विपिन बिष्ट, कैलाश पांडे, पप्पू पांडे उपेंद्र जोशी आदि ने बंदरों के आतंक से निजात न दिलाए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।