- परिवार की तीसरी पीढ़ी ने भी की सेना ज्वाइन
- कत्यूर घाटी में खुशी की लहर
- गांव में किया मिष्ठान वितरण
गरुड़।देश की आन, बान व शान के लिए कत्यूर घाटी के एक परिवार की तीसरी पीढ़ी ने भी भारतीय सेना ज्वाइन कर ली।जिससे पूरी कत्यूर घाटी में खुशी की लहर है।गांव में उत्साह व उमंग है।खुशी से गदगद ग्रामीणों ने मिष्ठान वितरण कर एक दूसरे को बधाई दी।
कत्यूर घाटी के सिल्ली निवासी आकाश जोशी भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं।भारतीय सैन्य अकादमी ( आइएमए ) देहरादून में पासिंग आउट परेड में आकाश ने यह गौरव हासिल किया।आकाश के दादा गिरीश चंद्र जोशी भी सेना से ऑनरेरी कैप्टन के पद से रिटायर्ड हैं।उनके पिता अशोक जोशी भी सेना से रिटायर्ड पूर्व सैनिक हैं।आकाश अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी के सदस्य हैं, जिन्होंने भी भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन देश की सेवा करने का संकल्प लिया।आकाश के दादा, पिता व माता पूनम जोशी तथा नानी पूर्व प्रधानाध्यापिका हंसा कांडपाल ने देहरादून में अपने लाडले को बैंज लगाकर भारतीय सेना को समर्पित किया।इससे उनके परिवार व रिश्तेदारों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।आकाश ने अपने दादा गिरीश चंद्र जोशी व पिता अशोक जोशी से सेना के अदम्य साहस व युद्ध के किस्से सुने थे।जिनसे उन्हें प्रेरणा मिलती थी।आकाश की प्रारंभिक शिक्षा सेंट एडम्स पब्लिक स्कूल गरुड़ में हुई।कक्षा छह से इंटर तक कि शिक्षा उन्होंने सैनिक स्कूल घोड़ाखाल से प्राप्त की।उनके लेफ्टिनेंट बनने पर सेंट एडम्स पब्लिक स्कूल में भी खुशी का माहौल है।आकाश की इस सफलता पर डॉ हेम चंद्र दुबे, क्षेपंस शंकर दत्त जोशी, केवलानन्द जोशी, जीवन दुबे, हरी दत्त खोलिया, सुमित पांडे, हरीश जोशी, दीप जोशी, ललिताप्रसाद जोशी, गणेश जोशी, चंद्रशेखर बड़सीला, डीके जोशी, छात्र संघ अध्यक्ष ललित पांडे, राजेंद्र जोशी, हिमांशु दुबे, सेंट एडम्स पब्लिक स्कूल के प्रबंधक जावेद सिद्दकी, प्रधानाचार्य रजिया सिद्दकी, मुरसिल सिद्दकी आदि ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए उन्हें बधाई दी है।